
प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत ChatGPT
Government scheme महाराष्ट्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को संकेत दिया कि ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1,500 रुपए से बढ़ाकर 2,100 रुपए की जाएगी। सफाई दी कि यह बढ़ोतरी उचित समय पर लागू की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जिला परिषद चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान छत्रपति संभाजीनगर जिले में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की टिप्पणियों के बावजूद सरकार इस योजना को जारी रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और इसे किसी भी हाल में बंद नहीं किया जाएगा। शिंदे ने बताया कि अब तक ‘लाड़की बहिन’ योजना के तहत करीब 45 हजार करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। “यदि सर्वे कराया जाए तो यह सामने आएगा कि कई महिला लाभार्थियों ने इस राशि से छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं। वे इस सहायता से अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर रही हैं। जनकल्याणकारी योजनाएं चलाना सरकार का कर्तव्य है और यह योजना हमेशा जारी रहेगी।”
उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ और बारिश से प्रभावित लोगों के लिए विपक्ष ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। “जो लोग आपदा के समय बिस्कुट के पैकेट तक नहीं बांट सके वे आज सवाल कर रहे हैं कि महिलाओं को 1,500 रुपए क्यों दिए जा रहे हैं ? बोले कि, सही समय आने पर यह राशि बढ़ाकर 2,100 रुपए की जाएगी।” इस दौरान उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि महायुति सरकार किसानों की कर्जमाफी का वादा भी शीघ्र पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन’ योजना की शुरुआत जून 2024 में की गई थी। इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाती है। माना जा रहा है कि इस योजना ने 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना की जीत में अहम भूमिका निभाई।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि योजना की राशि केवल e-KYC सत्यापन के बाद ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने और केवल पात्र लाभार्थियों तक राशि पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि विधवा, तलाकशुदा और पति या पिता का निधन हो चुका महिलाओं को ऑनलाइन e-KYC के साथ संबंधित दस्तावेज जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के कार्यालय में जमा कराने होंगे। “यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के निर्देश पर तारीख बढ़ाई गई है, ताकि प्राकृतिक आपदा या तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बहन योजना से वंचित न रह जाए।”
Published on:
03 Feb 2026 10:31 am
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