
श्रीगंगानगर. राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेशभर में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने जिले के पुलिस अधीक्षकों से करीब छह माह या उससे अधिक समय से फरार अपराधियों की सूची तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं। यह प्रक्रिया इसी माह पूरी करने के आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक स्तर पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार करें, जो बीते छह माह से फरार हैं। तैयार की गई यह सूची निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर संबंधित अपराधियों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन आयोग का मानना है कि जो लोग पिछले छह माह या इससे अधिक समय से अपने एरिया में नहीं रहते है, वे मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। फरार रहने वाले अपराधियों को मताधिकार से वंचित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एसपी डा. अमृता दुहन का कहना है कि इस प्रक्रिया की मंशा मतदाता सूची को शुद्ध एवं पारदर्शी बनाना है ताकि लंबे समय से कानून से फरार व्यक्तियों को मतदान प्रक्रिया से अलग रखा जा सके। इस कार्रवाई के बाद जिले में कई फरार अपराधियों के नाम मतदाता सूची से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है।
थानों में पहुंचे आदेश, खंगाली जा रही फाइलें
निर्वाचन विभाग के इस आदेश के बाद पुलिस थानों में पिछले छह माह से फरार अपराधियों की सूची को अपडेट किया जा रहा है। कोतवाली थानाधिकारी पृथ्वीपाल सिंह भाटी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने छह माह से अधिक समय के लिए फरार चल रहे अपराधियों को वोटर लिस्ट में नाम हटाने की प्रक्रिया के तहत यह आदेश जारी किया है। इसका पुलिस को भी फायदा मिलेगा। ऐसे लोगों का सामूहिक डाटा एक ही मिल सकेगा। वोट से वंचित होने के भय से यदि कोई अपराधी समर्पण होता है तो बीएलओ से संपर्क साधकर फिर से अपना नाम अंकित करवा सकता है। जिले में कई अपराधी तो एक साल से अधिक समय से फरार चल रहे है, यह पूरी सूची बनाने के बाद निर्वाचन आयोग के पास जाएगी।
Published on:
09 Feb 2026 12:10 am
बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
