
क्राइम की रोकथाम के लिए पुलिस अधिकारियों की बैठक लेती एसपी। फोटो: पत्रिका
श्रीगंगानगर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर निर्णायक और सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस ने अब जिले व राज्य की सीमा पार कार्रवाई अपनाने का फैसला किया है। श्रीगंगानगर में आकर नशे की सप्लाई करने वाले पंजाब और हरियाणा के ड्रग्स माफिया की तस्करी से अर्जित संपत्तियों को संबंधित राज्यों में जाकर एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीज किया जाएगा। इसके लिए ऐसे अपराधियों की सूची तैयार कर विशेष पुलिस दल गठित किए जाएंगे, जो दूसरे राज्यों में जाकर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से रिजर्व पुलिस लाइन में जिला स्तरीय मैराथन बैठक का आयोजन किया गया, जो सुबह 10 बजे शुरू होकर रात 8 बजे तक चली। बैठक में पुराने, लंबित और संगठित अपराधों से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस रखा गया। अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने की।
एसपी ने बताया कि बैठक में जिले श्रीगंगानगर की संपूर्ण कानून व्यवस्था और अपराध स्थिति की गहन समीक्षा की गई। संगठित अपराधों में लिप्त अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान कई पुराने और जटिल मामलों की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीमों की हौसला अफजाई की गई।
बैठक में सहायक पुलिस अधीक्षक (शहर) विशाल जागिड़ आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर प्रसाद शर्मा, एएसपी रायसिंहनगर रामेश्वरलाल, त्वरित अनुसंधान इकाई के एएसपी भंवरलाल, महिला अपराध अन्वेषण सेल की एएसपी नीलम चौधरी सहित जिले के सभी पुलिस उप अधीक्षक, थानाधिकारी और अपराध शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
एसपी ने बताया कि जिले में उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जहां नशाखोरी की गतिविधियां अधिक हैं। ऐसे स्थलों पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ आमजन से नशामुक्ति के लिए सहयोग भी मांगा जाएगा। इसके लिए वहां पुलिस नशा मुक्ति चौपाल लगाएगी, ताकि लोगों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया जा सके और नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके साथ ही लूट, चोरी, नकबजनी, जिले के टॉप-10 अपराधी, इनामी अपराधी, वांछित आरोपी और स्थायी वारंटियों की शीघ्र गिरफ्तारी के आदेश भी दिए गए।
एसपी ने कहा कि यातायात व्यवस्था में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परिवर्तन धरातल पर नजर आए और वाहन चालकों को इसका स्पष्ट अहसास हो। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई, प्रभावी सायंकालीन और रात्रिकालीन गश्त तथा आकस्मिक नाकाबंदी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान पुराने प्रकरणों की फाइलें भी खोली गईं। प्रत्येक थानाधिकारी से प्रकरणों की जांच की स्थिति और निस्तारण को लेकर सवाल-जवाब किए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि कई प्रकरण आरोपियों के फरार होने के कारण तो कई नए कानूनों के प्रावधानों के चलते अटके हुए हैं। महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के विरुद्ध अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर शीघ्र न्याय दिलाने पर विशेष बल दिया गया।
Published on:
08 Feb 2026 01:38 pm
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