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आपकी बातः दिव्यांगजन को रोजगार देने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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जयपुर

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Opinion Desk

Feb 04, 2026

प्रतीकात्मक फोटो

रोजगार से हीन भावना खत्म होगी
दिव्यांगजन को रोजगार उनकी दिव्यांगता के आधार पर विशेष प्रशिक्षण देकर रोज़गार देने के प्रयास किए जा सकते हैं। जो दिव्यांग जिस कार्य को करने में रुचि रखते हैं उनको उसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाकर सरकारी, निजी क्षेत्र में और उद्योगों में ऐसे कई कार्य हैं जो दिव्यांगजन भी तत्परता से कर सकते हैं और देश के सर्वांगीण विकास में योगदान दे सकते हैं। रोजगार से दिव्यांगजन में व्याप्त हीन भावना समाप्त होगी और उनका समाज सम्मान बढ़ेगा। - राधेश्याम शर्मा, राजसमंद
कार्यक्षमतानुसार रोजगार सृजित किए जाएं
दिव्यांगजन को रोजगार देने के लिए सबसे पहला प्रयास तो यह होना चाहिए कि उनकी कार्यक्षमता के अनुसार ऐसे रोजगार सृजित किए जाएं जिन्हें वे आसानी से कर सकें । दूसरा प्रयास यह किया जाना चाहिए कि हाथों की कमजोरी वाले दिव्यांगजन के लिए मुद्रलेखन यानी टाइपिंग परीक्षा पास करने की अनिवार्यता को खत्म किया जाए । तीसरा प्रयास यह किया जाना चाहिए कि उन्हें उनके शहर या गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए। - वसंत बापट, भोपाल
आवश्यक कौशल प्रदान करें
दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सरकारी, निजी और सामाजिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं। शारीरिक बाधाओं को दूर करने के लिए घर से काम करने का विकल्प दिव्यांगों के लिए रोजगार को सुगम बनाता है। समाज और नियोक्ताओं में दिव्यांगों की क्षमताओं के प्रति जागरूकता फैलाना ताकि वे उन्हें सहानुभूति के बजाय उनकी योग्यता के आधार पर अवसर दें | रोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना अनिवार्य है | सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बहुत कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। - प्रवेश भूतड़ा, सूरत
कम ब्याज पर ऋण मिले
दिव्यांगजन को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज पर ऋण मिले। कार्यस्थल पर रैम्प, लिफ्ट, सुलभ शौचालय, व्हीलचेयर, अनुकूल डेस्क जैसी संरचनाएं बनाना, विशेष जॉब फेयर(रोजगार मेले)का आयोजन, सरकारी आरक्षण का कड़ाई से पालन, विभिन्न गैर लाभकारी संगठनों सरकारी संस्थानों और सरकारी संस्थानों के माध्यम से तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि वे नौकरी के योग्य बन सकें। निजी क्षेत्र में समावेशी भर्ती नीतियां भी दिव्यांगजन को रोजगार देने में सक्षम हो सकेंगी। - शिवजी लाल मीना, जयपुर