Ahmedabad. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीेएस) की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने नवसारी एसओजी के साथ मिलकर नवसारी में दबिश देकर फैजान सलमानी (22) नाम के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्तौल और छह कारतूस जब्त किए हैं। इस हथियार को आरोपी ने आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए खरीदा था। जिससे टीम को आतंकी घटना को नाकाम करने में सफलता मिली है।
आरोपी 12 दिन के पुलिस रिमांड पर है। गुजरात एटीएस के उप महानिरीक्षक (डीआइजी) सुनील जोशी ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि गिरफ्तार आरोपी फैजान सलमानी (22) मूलरूप से उत्तरप्रदेश के रामपुर जिले के नरपतनगर गांव का निवासी है। हाल गुजरात के नवसारी शहर में अक्शा मस्जिद के पास झारावाड में रहकर दर्जी काम करता था।
जोशी ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि नवसारी में रह रहा उ.प्र.का फैजान नाम का युवक उ.प्र.के कुछ लोगों के ऊपर हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर आतंक फैलाने और जेहाद के जरिए कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश में शामिल है। इसने हथियार भी खरीदा है। इस सूचना के आधार पर एक बड़ी टीम ने नवसारी एसओजी की मदद से बताए गए ठिकाने पर दबिश दी और वहां से फैजान को हिरासत में लिया। उसके पास से एक पिस्तौल, छह कारतूस बरामद हुए हैं।
पूछताछ और इसके मोबाइल फोन की जांच में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, अल-कायदा से जुड़ा साहित्य, वीडियो, फोटो मिले हैं।
उकसाने वाले वीडियो करता वायरल
डीआइजी जोशी ने बताया कि फैजान एक अन्य मो.अबू बकर नामक आइडी धारक से संपर्क में था। ये दोनों ही आतंकी मौलाना मसूद अजहर, जैश-ए-मोहम्मद के उकसाने वाले बयान सुनते और उसका पालन करते थे। फैजान कई रेडिकल ग्रुपों से मिले मसूद अजहर और मुफ्ती अब्दुल रौफ असगर के जिहादी वीडियो को अपने इंस्टाग्राम पर भी अपलोड करता था। इसके दो इंस्टाग्राम अकाउंट मिले हैं। तीन महीने से यह अलफैजा नामक आइडी से यह मो.अबू बकर व अन्य ग्रुपों से जुड़ा था। वॉट्सएप, टेलीग्राम पर भी कई ग्रुपों से जुड़ा था।
उ.प्र. के लोग थे निशाने पर, लोन वुल्फ अटैक की थी तैयारी
जोशी ने बताया कि फैजान ने लोन वुल्फ प्रकार से अकेले ही आतंकी हमले की तैयारी की थी। इसलिए ही छह महीने पहले उ.प्र.से पिस्तौल, छह कारतूस खरीदे थे। इसके मोबाइल मैसेज में कुछ लोगों के नाम भी मिले हैं, जो इसके निशाने पर थे। यह सभी उ.प्र.के निवासी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के तहत सात लोग इसके निशाने पर थे, जो उ.प्र.के बरेली में हुई एक सभा में शामिल हुए थे। जांच में सामने आया कि जिन लोगों ने मोहम्मद पैगंबर की शान में कुछ गुस्ताखी की हो ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर फायरिंग कर उनकी हत्या (टाग्रेट किलिंग) का षडयंत्र इसने रचा होने का पता चला है।
आपत्तिजनक साहित्य, तस्वीरें मिलीं
आरोपी फैजान के मोबाइल से एक फोटो मिला है, जिसमें लाल किले पर तिरंगे की जगह उसने काले रंग का इस्लामिक झंडा फहराया दिखाया है। उसके नीचे अल फैजान चौधरी लिखा है। इसके अलावा भारतीय उपखंड और उसके आसपास के नक्शा में भारत को कश्मीर बिना का क्षेत्र काले रंग का दर्शाया है और उसमें कथित आजाद कश्मीर का झंडा दर्शाया है। इसमें कुछ लोगों के नाम के ऊपर राउंड का निशान और उन्हें जान से मारने का उल्लेख है। एशिया का नक्शा है उसके ऊपर अंग्रेजी में 2026 ओवरब्यू मुस्लिम टेरेटरी करंटली अंडर कुफर ऑक्यूपेशन लिखा है।