भारत सरकार द्वारा अगले वर्ष 2027 में पूरे देश की जनगणना कराई जाएगी। इसके पूर्व इस वर्ष से ही जनगणना की आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई है। मई में सर्वे कार्य आरंभ हो जाएगा और घरों की लिस्टिंग की जाएगी। अगले साल फरवरह 2027 में घर-घर जाकर जनगणना की जानकारी एकत्रित की जाएगी। सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जनगणना-2027 को लेकर अधिकारियों को जानकारी देकर निर्देशित किया।
कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि जनगणना के लिए अभी से सभी आवश्यक तैयारियां की जाएं। उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए 15 से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को उनकी जानकारी जनगणना पोर्टल में स्वयं ही भरने की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बात का प्रचार प्रसार किया जाए कि जनगणना के लिए नागरिकगण अपने घर आने वाले प्रगणक को सही सही जानकारी दें, ताकि जनगणना के माध्यम से सही तथ्य एकत्र हों। उल्लेखनीय है कि जनगणना में घरों की लिस्टिंग के दौरान कई तरह के प्रश्न भी पूछकर लिखित उत्तर लिए जाएंगे। इसे लेकर नागरिकों के मन में कोई भय न हो, इसके लिए उन्हें समझाइश भी दी जाएगी। जनगणना को लेकर जल्द ही अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी होगा।
शिविर में स्वयं जाए अधिकारी
कलेक्टर गुप्ता ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में “संकल्प से समाधान अभियान” की अब तक की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अभियान के द्वितीय चरण में आयोजित होने वाले शिविरों में एसडीएम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जाएं और वहां की व्यवस्थाएं देखें। साथ ही सुनिश्चित करें कि ग्रामीणों को उनके पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ मिले। कलेक्टर ने कहा कि शिविर में जो आवेदन अपात्रता के कारण अस्वीकृत किए जा रहे हैं उन आवेदकों को अपात्रता का स्पष्ट कारण बताते हुए आवेदन अस्वीकृत किया जाए। बैठक में बताया कि अभियान के पहले चरण में 80 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, इनमें से 51650 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में गति लाएं
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के तहत प्राप्त शिकायतों के निराकरण की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ ही उन्हें नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हो जाएं, इस बात की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा, अपर कलेक्टर केआर बड़ोले सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।