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‘ट्रंप के साथ बातचीत होने से क्या? पाक कभी भी भारत जैसा…’, अमेरिकी सांसदों ने सरेआम कर दी पाकिस्तान की फजीहत

अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप न समझें। उन्होंने कहा, "हम पाकिस्तान के साथ कोई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप नहीं बना रहे हैं।"

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भारत

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Mukul Kumar

Jan 13, 2026

Donald Trump with Shehbaz Sharif and Asim Munir

पाक पीएम शहबाज शरीफ और पाक सेनाध्यक्ष असीम मुनीर के साथ डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- IANS)

पाकिस्तान की अमेरिका में एक फिर फजीहत हुई है। अमेरिका के सीनियर सांसदों ने वॉशिंगटन की स्ट्रेटेजिक सोच में भारत-पाकिस्तान के बीच एक साफ फर्क बताने की कोशिश की है। उन्होंने खुलकर कहा है कि केवल ही अमेरिका का लॉन्ग-टर्म रणनीतिक सहयोग बना हुआ है। पाकिस्तान ऐसा कभी नहीं बन सकता।

हम पाक के साथ कोई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप नहीं बना रहे- सांसद

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज द्वारा आयोजित एक चर्चा में अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने कहा कि पाकिस्तान के साथ समय-समय पर होने वाली डिप्लोमेटिक बातचीत को स्ट्रेटेजिक तालमेल के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।

बेरा ने हालिया राजनीतिक बयानबाजी से बनी धारणाओं को खारिज करते हुए कहा- हम पाकिस्तान के साथ कोई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप नहीं बना रहे हैं। उन्होंने यह भी माना कि अमेरिकी नेताओं की टिप्पणियों से कभी-कभी भारत में तनाव पैदा हो सकता है।

आर्थिक और रणनीतिक वास्तविकताएं केवल भारत के पक्ष में- सांसद

बेरा ने कहा- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के बारे में कुछ टिप्पणियां की थीं, पाकिस्तानी नेताओं को ओवल ऑफिस में आमंत्रित किया था। लेकिन आर्थिक और रणनीतिक वास्तविकताएं केवल भारत के पक्ष में हैं।

अमेरिकी सांसद ने कहा- आप अमेरिकी कंपनियों को पाकिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश करते हुए नहीं देखते हैं। यह सब भारत में हो रहा है। वहीं, सांसद रिच मैककॉर्मिक ने भी इस बात का समर्थन किया।

भविष्य में केवल अमेरिका को भारत की जरूरत होगी- सांसद

मैककॉर्मिक ने कहा- भविष्य में हमें न सिर्फ अमेरिका और भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण दोस्त की जरूरत नहीं होगी।

सांसदों ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका की लॉन्ग-टर्म इंडो-पैसिफिक रणनीति में शामिल नहीं है। बेरा ने कहा कि भारत कई प्रशासनों में अमेरिकी रणनीति के केंद्र में रहा है।

उन्होंने कहा- अगर आप क्लिंटन प्रशासन से लेकर बुश प्रशासन, ओबामा, ट्रंप 1.0 से लेकर बाइडेन तक देखें, तो भारत हमारी पूरी इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा है।

निवेशकों का भरोसा सिर्फ भारत पर

बेरा ने भारत में निवेशकों के भरोसे की तुलना पाकिस्तान में इसी तरह की गति की कमी से भी की। उन्होंने कहा- हम लंबा खेल खेल रहे हैं, बिजनेस समुदाय अमेरिकी जुड़ाव की दिशा को समझते हैं।

मैककॉर्मिक ने कहा कि भारत का अमेरिकी मूल्यों के साथ तालमेल उसे अलग बनाता है। जिस तरह से हम अर्थव्यवस्था और स्वतंत्रता के साथ लोगों की प्रगति को देखते हैं, उसमें हमारे बीच समानता नजर आती है।

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