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‘मैं आपसे भीख मांगता हूं, समझौता नहीं बल्कि हमले करो..’ खुदकुशी से पहले ईरानी युवक की राष्ट्रपति ट्रंप से अपील

ईरान के पुरिया हमीदी नामक युवक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान पर हमले की अपील की और परमाणु समझौते को बताया शहीदों के साथ विश्वासघात बताया। जानें क्या है पूरा मामला और क्यों मची है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल।

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Ali Khamenei and Donald Trump

Ali Khamenei and Donald Trump (Photo - Washington Post)

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दमन और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बीच बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, पुरिया हमीदी नाम के तौर पर पहचाने गए ईरानी युवक ने खुदकुशी से ठीक पहले एक वीडिया संदेश जारी किया है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में ईरानी युवक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पश्चिमी देशों से ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अपील की है।

हमीदी ने अत्यंत गंभीर लहजे में वीडियो की शुरुआत की। उसने कहा कि यदि आप यह वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मैं अब जीवित नहीं हूं। 'ईरान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के मुताबिक, हमीदी ने दावा किया कि ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 40,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। उन्होंने इस भयावहता की तुलना रूस-यूक्रेन और इज़राइल-फिलिस्तीन युद्ध से करते हुए कहा कि ईरान में हो रहा नरसंहार इन दोनों युद्धों से कहीं अधिक बड़ा है।

अंग्रेजी में पूरा वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आखिरी में ईरानी युवक हमीदी ने भावुक होकर फारसी भाषा में बोला। उन्होंने ईरानी जनता से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि हम ईरान के लोग बहुत अकेले हैं, हमारा कोई नहीं है। कृपया एक-दूसरे का साथ दें। हमीदी का यह वीडियो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, जो ईरान के भीतर व्याप्त हताशा और शासन के प्रति गहरे असंतोष को उजागर करता है। मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

परमाणु समझौते 'विश्वासघात' करार दिया

आपको बता दें कि यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण पर महत्वपूर्ण बातचीत चल रही है। ईरानी युवक हमीदी ने इस संभावित समझौते को उन लोगों के साथ 'विश्वासघात' करार दिया, जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपनी जान गंवाई है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से गुहार लगाते हुए कहा, मैं आपसे भीख मांगता हूं, इस समझौते को रोकने के लिए जो बन पड़े वो करें। अमेरिका का हमला ही हमारी आखिरी उम्मीद है। नोट- 'पत्रिका' इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।