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तीन से 13 खातों में किए ट्रांसफर, फिर हजार खातों में किया लेनदेन

लालच देकर खरीद रहे खाता, कर रहे संचालित, तीन महीने में निवेश के नाम पर की थी 92.75 लाख की साइबर ठगी बारां. निवेश के नाम पर लाखों की चपत लगाने वाले शातिर लोग फ्रॉड करने के लिए दूसरों के बैंक खाते खरीद रहे हैं। स्वयं के बैंक खाते को इसके लिए उपयोग में नहीं […]

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बारां

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Mukesh Gaur

Jan 29, 2026

शातिर ठग ने उसके बैंक खाते में एक माह के दौरान ही करीब एक करोड़ 71 लाख की रकम जमा करवाई थी। इस मामले में शहर के प्रताप चौक निवासी विष्णु गालव की ओर से साइबर क्राइम थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था।

बारां. स्टेशन रोड स्थित साइबर थाना

लालच देकर खरीद रहे खाता, कर रहे संचालित, तीन महीने में निवेश के नाम पर की थी 92.75 लाख की साइबर ठगी

बारां. निवेश के नाम पर लाखों की चपत लगाने वाले शातिर लोग फ्रॉड करने के लिए दूसरों के बैंक खाते खरीद रहे हैं। स्वयं के बैंक खाते को इसके लिए उपयोग में नहीं ले रहे है। इससे पुलिस को गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए तकनीकी रूप से काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। गिरोह के पास दूसरों के खरीदे हुए दर्जनों बैंक खाते होते है। 92 लाख 75 हजार रुपए की ठगी के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए झांसी निवासी आरोपी राजेश कुशवाहा ने भी पुलिस अनुसंधान में दस फीसदी कमीशन के लिए खाता शातिर ठग को देने की बात कही है। शातिर ठग ने उसके बैंक खाते में एक माह के दौरान ही करीब एक करोड़ 71 लाख की रकम जमा करवाई थी। इस मामले में शहर के प्रताप चौक निवासी विष्णु गालव की ओर से साइबर क्राइम थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि शहर के विष्णु गालव के स्वयं के दो बैंक खातों और एक उसकी पत्नी समेत तीन खातों से 2 अक्टूबर से 4 दिसंबर 2025 के तीन माह के दौरान 92.75 लाख रुपए ट्रांसफर कराए थे। इस राशि को दिल्ली, मेरठ, अहमदाबाद, कटनी और झांसी समेत दक्षिण भारत के 13 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। फिर इन 13 बैंक खातों से हजारों बैंक खातों में कुछ-कुछ राशि दी गई। यह हजारों बैंक खाते ठगों के जाल में फंसने वाले भोलेभाले निवेशक है। ठग अनजान (शिकार) व्यक्ति से पहले छोटी रकम लेते और उसका कुछ हिस्सा लाभ के तौर पर उसे वापस ट्रांसफर कर लालच देते हैं।

नोटिस से सकते में आया

साइबर पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने के बाद तत्परता से तकनीकी साक्ष्य एकत्र करना शुरू किया। फरियादी के तीनों बैंक खातों ओर उससे प्राप्त करने वाले बैंक खातों की डिटेल खंगाली गई। बैंकों से संपर्क कर जानकारियां एकत्र की गई। इसके बाद संबंधितों को नोटिस जारी किए गए। गिरफ्तार आरोपी को नोटिस मिला तो वह सकते में आ गया। पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए शिकंजा कस चुकी थी। इससे जल्द ही आरोपी राजेश कुशवाहा को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे बुधवार को पूछताछ के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। आरोपी के संदिग्ध बैंक खातों में करीब 20 लाख की राशि होल्ड करवाई गई और 10 लाख की राशि रिफंड कराई गई है। ठगी की रकम से खरीदी गई एक कार भी जब्त की गई है। आरोपी राजेश के बैंक खाते में इसी तरह ट्रांसफर होने पर विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध से संबंधित 18 प्रकरण दर्ज हैं। प्रकरण का खुलासा करने में यों तो साइबर थाने की पूरी टीम जुटी रही, लेकिन इसमें कांस्टेबल लक्ष्मण चौधरी और दिलीप यादव की विशेष भूमिका रही। टीम में सीआई अशोक चौधरी, हैड कांस्टेबल दिग्विजय सिह, कांस्टेबल लोकेश, करतार ङ्क्षसह और जिला पुलिस की साइबर सेल प्रभारी एएसआई जगदीश चन्द्र शर्मा शामिल रहे।