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नटबाबा मंदिर में भक्ति का अनवरत प्रवाह, विश्व शांति के लिए 30 दिवसीय अनुष्ठान

bhopal news: नटबाबा मंदिर में गूंजे रहे रामचरित मानस के दोहे, भक्ति और श्रद्धा के अनूठे संगम का बना केन्द्र।

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bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित प्रसिद्ध नटबाबा मंदिर इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के अनूठे संगम का केंद्र बना हुआ है। जनकल्याण, देश की सुख-समृद्धि और विश्व शांति के पावन संकल्प के साथ मंदिर परिसर में 18 जनवरी से अखंड रामचरित मानस का पाठ आयोजित किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी पंडित रोहितदास वैष्णव ने बताया कि यह आयोजन केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि तीन दशकों से चली आ रही एक अटूट परंपरा है। पिछले 30 वर्षों से मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालु मिलकर इस संकल्प को पूरा कर रहे हैं। इस एक माह की अवधि में रामचरित मानस के लगभग 20 से अधिक संपूर्ण पाठ किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रद्धालु खुद संभालते हैं मोर्चा

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता जन-भागीदारी है। पाठ की निरंतरता बनाए रखने के लिए किसी पेशेवर मंडली के बजाय आम श्रद्धालु और स्थानीय कॉलोनियों की महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार पहले से ही समय तय कर लेते हैं, ताकि पाठ का प्रवाह न टूटे। वहीं रात के समय जब शहर शांत होता है, तब मंदिर समिति के सदस्य और विशेष मंडलियां अपनी सेवाएं देती हैं। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क और निस्वार्थ भाव से संचालित की जा रही है।

16 फरवरी को भंडारा

30 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का समापन 16 फरवरी को किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 15 फरवरी को विशेष शिव अभिषेक का आयोजन होगा, जिसमें भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार और पूजन किया जाएगा। इसके अगले दिन, 16 फरवरी को हवन-पूजन के साथ अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी और भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।