
इंदौर में दूषित पानी से 30वीं मौत (Photo Source- Patrika)
30th Death In Bhagirathpura : देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की दोपहर जहां क्षेत्र में रहने वाले 62 वर्षीय पहलवान खूबचंद बंधोनिया ने दम तोड़ा था तो अभी खबर सामने आई है कि, इसी दिन इलाके की एक बुजुर्ग महिला की भी दूषित पानी के कारण मौत हुई है। अब इलाके में जारी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 30 हो गया है। लगातार बढ़ते जा रहे मौत के मामलों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है।
लक्ष्मी रजक जैन भागीरथपुरा इलाके की दूध वाली गली में रहती थीं। बताया जा रहा है कि, वो दूषित पानी से फैले संक्रमण की शिकार होकर ही अस्पताल में भर्ती रह चुकी थीं। हालांकि, कुछ दिन पहले दूषित पानी का संक्रमण कम होने पर उनकी छुट्टी कर दी गई थी। लेकिन, वो किडनी इनफेक्शन का शिकार हो गई थीं। विडंबना ये रही कि, उनके पति स्वर्गीय डॉ. के.डी. रजक ने जीवनभर मरीजों का इलाज किया, लेकिन उनके ही परिवार को यह त्रासदी झेलनी पड़ी। परिजन की मानें तो रविवार को लक्ष्मी रजक को अचानक घबराहट बढ़ गई। साथ ही, पेट में असहनीय दर्द भी उठा। हालत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीएचएल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश गुप्ता ने बताया कि, जांच में लक्ष्मी रजक की किडनी में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमण तेजी से फैल चुका था और अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि, उनके पति का निधन भी महज 17 माह पहले ही हुआ है। ऐसे में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इधर, भागीरथपुरा में ही रहने वाले 62 वर्षीय पूर्व पहलवान खूबचंद बंधोनिया की भी उल्टी-दस्त से बिगड़ी हालत के बाद मौत हुई थी। उनके साथ भागीरथपुरा की 29वीं मौत का आरोप लगाते हुए परिजन ने कहा कि, इलाके में लंबे समय से सीवरेज मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसकी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अखाड़े में बड़े-बड़े पहलवानों को पटखनी देने वाले खूबचंद दूषित पानी पीकर संक्रमण की चपेट में आए और जिंदगी की जंग हार गए।
Published on:
28 Jan 2026 02:16 pm
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