
कायाकल्प योजना फाइलों में अटकी: दो साल से अधूरा निर्माण, ठेकेदारों की मनमानी व अफसरों की लापरवाही जिम्मेदार, शहर की 78 में से 19 सड़कें अब तक शुरू भी नहीं
ग्वालियर. गड्ढा‑मुक्त सड़कों का दावा करने वाली कायाकल्प योजना खुद ही जर्जर हो चुकी है ! प्रदेश सरकार द्वारा दो साल पहले शहर की सड़कों को चमकाने के लिए स्वीकृत 78 सड़कों में से 19 का निर्माण कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। यानी, इन सड़कों पर रोलर चलना तो दूर, नींव भी नहीं रखी गई है। इस लापरवाही का सीधा खामियाजा शहर के पांच लाख से ज्यादा लोग भुगत रहे हैं, जिन्हें रोज धूल भरी, उबड़-खाबड़ सड़कों पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहा है।
योजना के तहत इन सड़कों को मास्टर प्लान के अनुसार विकसित किया जाना था, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। पूर्व विधानसभा को छोड़ दें, तो ग्वालियर, ग्वालियर दक्षिण और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों की 19 सड़कें अब तक अधूरी हैं। कहीं धूल का गुबार उड़ रहा है, तो कहीं कीचड़ और जलभराव ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। जनता में नगर निगम के प्रति खासा आक्रोश है।
कहां-कहां भटक रही हैं सड़कें
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण, ग्वालियर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों की कई महत्वपूर्ण सड़कें अब तक केवल फाइलों में ही जीवित हैं। इनमें शामिल हैं:
विकास के वादों का धूल में दम घुट रहा है
कायाकल्प योजना का उद्देश्य शहर को नई काया देना था, लेकिन नतीजा यह है कि आधे शहर की सड़कें अब भी बीमार हैं। ठेकेदारों की लापरवाही और अफसरों की सुस्ती का खामियाजा जनता क्यों भुगते? जब पब्लिक को गड्ढा‑मुक्त सड़कों का वादा किया गया था, तो आज वे जर्जर और अधूरी सड़कों पर जान हथेली पर रखकर क्यों चलें ? नगर निगम को चाहिए कि वह तुरंत एक्शन लेते हुए इन 19 सड़कों का निर्माण शुरू कराए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराए। वरना, ये कायाकल्प योजना सिर्फ एक और जुमला बनकर रह जाएगी।
Updated on:
21 Jan 2026 06:46 pm
Published on:
21 Jan 2026 06:38 pm

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