
Sushmita Sen-Rajat Tara (सोर्स- एक्स)
Sushmita Sen First Boyfriend Rajat Tara: बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने साल 1994 में मिस यूनिवर्स का ताज जीतकर इतिहास रच दिया था। सुष्मिता की पर्सनल जिंदगी हमेशा चर्चा में रही है। फिल्मों से लेकर निजी फैसलों तक, उन्होंने हर मोड़ पर अपनी शर्तों पर जिंदगी जी। लेकिन बहुत कम लोग उस शख्स के बारे में जानते हैं, जो सुष्मिता के स्टार बनने से पहले उनके सबसे बड़े सहारे बने- रजत तारा।
जब सुष्मिता सेन ने मिस इंडिया का खिताब जीता, तब उनकी जिंदगी एक नए मोड़ पर थी। दिल्ली की रहने वाली सुष्मिता को मिस यूनिवर्स की तैयारी के लिए मुंबई जाना था। ये उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि उन्होंने इससे पहले कभी घर से दूर अकेले रहना नहीं सीखा था। इसी दौर में उनके जीवन में रजत तारा एक मजबूत ढाल बनकर खड़े रहे।
रजत तारा उस समय एक नामी ब्रांड बेनेटॉन (Benetton) में अच्छी-खासी नौकरी कर रहे थे। जब सुष्मिता को मुंबई शिफ्ट होना पड़ा, तो रजत ने भी उनके साथ जाने का फैसला किया। उन्होंने ऑफिस से छुट्टी मांगी, लेकिन इजाजत नहीं मिली। इसके बाद रजत ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी हाई-पेइंग जॉब छोड़ दी, ताकि सुष्मिता अपने सपने पर पूरा फोकस कर सकें। सुष्मिता कई बार यह स्वीकार कर चुकी हैं कि अगर उस दौर में रजत का साथ न होता, तो यह सफर इतना आसान नहीं होता।
मिस यूनिवर्स का ताज जीतते ही सुष्मिता सेन रातोंरात ग्लोबल आइकन बन गईं। शोहरत, मौके और नई दुनिया उनके सामने थी। इसी बदलाव के साथ उनकी और रजत तारा की राहें धीरे-धीरे अलग होने लगीं। हालांकि ये रिश्ता किसी कड़वाहट पर खत्म नहीं हुआ।
सुष्मिता ने अपने एक इंटरव्यू में बेहद परिपक्व अंदाज में कहा था कि रजत जैसे इंसान को छोड़ा नहीं जाता, बल्कि जिंदगी के साथ आगे बढ़ते हुए रास्ते अलग हो जाते हैं। दोनों का ब्रेकअप आपसी सहमति से हुआ। यही नहीं, सालों बाद सुष्मिता रजत तारा की शादी में शामिल होने के लिए सर्बिया तक गईं, जो इस रिश्ते में बचे सम्मान और अपनापन को दर्शाता है।
आज रजत तारा अपनी फैमिली के साथ एक शांत और खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। वो लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं, जबकि सुष्मिता सेन आज भी अपनी शर्तों पर जीने वाली महिला के रूप में लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं।
फिल्मों में मैं हूं ना, बीवी नंबर 1, आंखें और फिलहाल जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाली सुष्मिता ने निजी जिंदगी में भी रूढ़ियों को तोड़ा। बिना शादी किए दो बेटियों- रेनी और अलीसाह को गोद लेना उनके साहस का सबसे बड़ा उदाहरण है।
Updated on:
03 Feb 2026 06:31 pm
Published on:
03 Feb 2026 06:16 pm
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